शायरी महफ़िल · by Isha Menon · 2026-10-28
कबीर के दोहे आज के सोशल मीडिया पर कितने सटीक बैठते हैं
निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय
आज हम हर आलोचना करने वाले को ब्लॉक कर देते हैं और सिर्फ़ तारीफ़ वाले लोगों के बीच रहते हैं। कबीर कह गए कि आलोचक को तो घर के पास बसाओ। सोचिए अगर कबीर का ट्विटर अकाउंट होता तो क्या लिखते?
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय
आज हम हर आलोचना करने वाले को ब्लॉक कर देते हैं और सिर्फ़ तारीफ़ वाले लोगों के बीच रहते हैं। कबीर कह गए कि आलोचक को तो घर के पास बसाओ। सोचिए अगर कबीर का ट्विटर अकाउंट होता तो क्या लिखते?
22 sparks · 3 comments