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शायरी महफ़िल · by Priya Nair · 2026-10-29

नज़्म: सर्दी की पहली धूप

छत पर बिछी चटाई
नानी के हाथ का अचार
और धूप, जो बिना पूछे
गोद में आकर बैठ जाती थी

अब बालकनी है, धूप भी है
बस कोई कहता नहीं
थोड़ी देर बैठ जा बेटा
काम तो होते रहेंगे

कल पहली बार इस साल धूप में बैठा तो ये लिखा गया।

20 sparks · 3 comments

Comments

Priya Nair · 10 likes

इसे किसी दिन आवाज़ में रिकॉर्ड करके डालिए, सुनने में और असर करेगी

Kabir Khan · 0 likes

अचार वाली लाइन ने सीधा बचपन में पहुँचा दिया

Aarav Sharma · 0 likes

आख़िरी दो लाइनें बहुत भारी हैं, अच्छे वाले भारी