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देसी कला · by Isha Menon · 2026-10-28

मेले से 150 रुपये में खरीदा वारली पेंटिंग वाला दीया, कारीगर की कहानी सुनकर रुक गया

पालघर के एक भाई थे, बोले ये कला उनकी दादी ने सिखाई, वारली में इंसान दो त्रिकोण जोड़ के बनते हैं, गोल घेरा जीवन के चक्र का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि शहर वाले उनकी डिज़ाइन कॉपी करके कुशन कवर पर हज़ारों में बेचते हैं और उन्हें कुछ नहीं मिलता।

अब से जहाँ हो सके सीधे कारीगर से ही लूँगा।

26 sparks · 4 comments

Comments

Priya Nair · 3 likes

GI टैग वाली चीज़ें देखकर खरीदो, और सरकारी एम्पोरियम भी अच्छे हैं, कारीगरों को सही दाम मिलता है

Priya Nair · 0 likes

हाँ, हस्तशिल्प मेले भी अच्छे होते हैं इस मामले में

Mango Otter · 0 likes

यही सबसे बड़ी दिक्कत है। कला लोक की, मुनाफ़ा किसी और का

Rohan Mehta · 0 likes

150 में दीया और कहानी दोनों, सौदा बढ़िया रहा