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देसी कला · by Isha Menon · 2026-10-28

कुम्हार के चाक पर पहली बार बैठा, मिट्टी ने ही नचा दिया

जयपुर के पास एक वर्कशॉप में गया था। कुम्हार भैया ने 20 सेकंड में सुंदर कुल्हड़ बना दिया, मैंने 20 मिनट में एक टेढ़ा मेढ़ा कुछ बनाया जो न कप था न कटोरा। उन्होंने हँस के कहा पहले मिट्टी को बीच में लाना सीखो, फिर बाकी सब।

पता चला ये 'सेंटरिंग' ही सबसे मुश्किल हिस्सा है। अब हर कुल्हड़ वाली चाय की इज़्ज़त बढ़ गई है।

20 sparks · 3 comments

Comments

Ananya Rao · 4 likes

सेंटरिंग में महीने लग जाते हैं, हिम्मत मत हारना

Sleepy Lantern · 1 likes

कुल्हड़ बनाने वाले भैया लोग इतनी मेहनत करते हैं और एक कुल्हड़ 5 रुपये का

Kabir Khan · 9 likes

और हम चाय पी के फेंक देते हैं, सोचने वाली बात है