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देसी कला · by Rohan Mehta · 2026-10-29

आज की ड्रॉइंग: गोंड शैली में मोर, बिंदुओं और लाइनों से

भज्जू श्याम जी का काम देख कर गोंड कला से प्यार हुआ। इसमें आकृति के अंदर बिंदु, लहरें और छोटी लाइनें भर कर बनावट दी जाती है। मोर बनाने में पूरे तीन दिन लगे क्योंकि हर पंख में अलग पैटर्न डाला।

एक सवाल, इसे सोशल मीडिया पर डालूँ तो 'गोंड आर्ट' लिखना ठीक है या मैं आदिवासी नहीं हूँ तो 'गोंड से प्रेरित' लिखूँ?

20 sparks · 3 comments

Comments

Isha Menon · 0 likes

'गोंड से प्रेरित' लिखना ज़्यादा ईमानदार है, और साथ में भज्जू श्याम जैसे कलाकारों का नाम दे दो तो लोग असली कलाकारों तक भी पहुँचेंगे

Priya Nair · 5 likes

यही करूँगी, शुक्रिया

Rohan Mehta · 0 likes

तीन दिन का काम दिखता है, बधाई