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शतरंज की बिसात · by Solar Comet · 2026-10-29

गुकेश के विश्व चैंपियन बनने के बाद मोहल्ले की शतरंज अकादमी में भीड़

हमारे यहाँ एक छोटी सी अकादमी है जिसमें दो साल पहले 15 बच्चे थे। आज 80 हैं, और वेटिंग लिस्ट भी है। कोच सर हँस के कहते हैं गुकेश ने उनकी सैलरी बढ़वा दी। अठारह साल का लड़का विश्व चैंपियन बना, ये बच्चों के दिमाग में बैठ गया है कि ये हो सकता है।

आपके शहर में भी ऐसा कुछ दिखा?

32 sparks · 4 comments

Comments

Priya Nair · 14 likes

बेटे को डाला है अकादमी में, पहले मोबाइल पर रील्स देखता था अब पज़ल सॉल्व करता है। मैं तो इसी से ख़ुश हूँ

Priya Nair · 1 likes

सबसे बड़ा फ़ायदा यही है, स्क्रीन टाइम का अच्छा इस्तेमाल

Rapid Mango · 11 likes

आनंद सर ने जो बीज बोया था, अब उसका पेड़ दिख रहा है

Priya Nair · 1 likes

चेन्नई में तो पहले से ही शतरंज का माहौल था, अब छोटे शहरों में भी पहुँच रहा है, ये बड़ी बात है