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शतरंज की बिसात · by Rohan Mehta · 2026-10-28

दिव्या देशमुख की कहानी पढ़ी, नागपुर से विश्व कप तक

नागपुर की लड़की जिसने महिला विश्व कप जीता और फ़ाइनल में अपनी ही देश की खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को हराया। इस जीत के साथ ग्रैंडमास्टर का ख़िताब भी मिला। सबसे अच्छी बात लगी कि उसके इंटरव्यू में घमंड नहीं था, बस आँखों में पानी था।

लड़कियों के लिए शतरंज में अभी भी बहुत कम माहौल है। आपके घर की बेटियाँ खेलती हैं?

28 sparks · 4 comments

Comments

Gentle Baker · 11 likes

हम्पी दीदी ने भी जिस तरह हार को अपनाया, उससे बहुत इज़्ज़त बढ़ी उनकी

Kabir Khan · 4 likes

बेटी 9 साल की है, स्कूल टूर्नामेंट में दूसरे नंबर पर आई। दिव्या की फ़ोटो उसके कमरे में लगी है

Rohan Mehta · 2 likes

बेटी को ढेर सारी शुभकामनाएँ

Priya Nair · 0 likes

फ़ाइनल में दोनों भारतीय थीं, ये अपने आप में इतिहास था