शतरंज की बिसात · by Rohan Mehta · 2026-10-28
दिव्या देशमुख की कहानी पढ़ी, नागपुर से विश्व कप तक
नागपुर की लड़की जिसने महिला विश्व कप जीता और फ़ाइनल में अपनी ही देश की खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को हराया। इस जीत के साथ ग्रैंडमास्टर का ख़िताब भी मिला। सबसे अच्छी बात लगी कि उसके इंटरव्यू में घमंड नहीं था, बस आँखों में पानी था।
लड़कियों के लिए शतरंज में अभी भी बहुत कम माहौल है। आपके घर की बेटियाँ खेलती हैं?
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