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शतरंज की बिसात · by Kabir Khan · 2026-10-29

मोहल्ले के पार्क में बुज़ुर्गों के साथ शतरंज, इंजन से ज़्यादा सिखाते हैं

शाम को पार्क में एक बेंच पर चार पाँच अंकल रोज़ शतरंज खेलते हैं। मैं ऑनलाइन 1500 रेटिंग पर हूँ, सोचा आसानी से जीत जाऊँगा। तीन बाज़ी हारा। एक अंकल बोले 'बेटा चाल नहीं, धैर्य से खेलो'।

रेटिंग का कोई मतलब नहीं वहाँ, बस अनुभव और ताने 😄

22 sparks · 3 comments

Comments

Gentle Panda · 10 likes

और ताने मुफ़्त में मिलते हैं, ये सबसे अच्छी ट्रेनिंग है

Aarav Sharma · 11 likes

'ये घोड़ा क्यों आगे भेजा, शहीद करना था?' रोज़ सुनता हूँ

Kabir Khan · 4 likes

पार्क वाले अंकल लोग असली छुपे रुस्तम होते हैं, किसी रेटिंग में नहीं आते