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शतरंज की बिसात · by Kabir Khan · 2026-10-29

दादा जी 78 साल के हैं, अब ऑनलाइन खेलना सिखा रहा हूँ

दादा जी पूरी ज़िंदगी लकड़ी के बोर्ड पर खेले। अब घुटनों की वजह से पार्क नहीं जा पाते। उन्हें फ़ोन पर ऐप चलाना सिखाया। पहले दिन बोले 'ये मशीन मेरी चाल पहले से कैसे जानती है'। अब रोज़ शाम 5 बाज़ी खेलते हैं और हर जीत पर मुझे स्क्रीनशॉट भेजते हैं।

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Comments

Isha Menon · 13 likes

स्क्रीनशॉट भेजने वाली बात ने दिन बना दिया

Aarav Sharma · 3 likes

दादा जी को बड़ा बोर्ड और बड़े टुकड़ों वाली थीम सेट कर दो, आँखों पर ज़ोर कम पड़ेगा