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दिल्ली वाले · by Kabir Khan · 2026-10-29

कल रात 11 बजे मूलचंद के परांठे, अब भी ज़िंदा है ये जगह

ठंडी रात, फ़्लाईओवर के नीचे, मक्खन से भरा आलू प्याज़ परांठा और कड़क चाय। दिल्ली में रात का खाना ढूँढना हो तो पुराने अड्डे ही काम आते हैं।

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Priya Nair · 7 likes

कोलेस्ट्रॉल ने भी उस रात छुट्टी ली थी

Sleepy Coder · 6 likes

मूलचंद के परांठे और कॉलेज की रातें, एक ही चीज़ के दो नाम