Orbit · Explore

देश की चर्चा · by Pixel Marauder · 2026-10-29

छठ के लिए घर जाना है, ट्रेन में वेटिंग 300, तत्काल 2 मिनट में ख़त्म

हर साल यही कहानी। दिल्ली, मुंबई, सूरत, लुधियाना से लाखों लोग बिहार और पूर्वी यूपी जाते हैं। स्पेशल ट्रेनें चलती हैं पर फिर भी जनरल डिब्बे में लोग दरवाज़े पर लटके होते हैं। बस का किराया तीन गुना, फ़्लाइट पाँच गुना।

जो लोग सालों से ये सफ़र करते आए हैं, आप कैसे जुगाड़ करते हैं? और सिस्टम में असल में क्या बदलना चाहिए?

37 sparks · 4 comments

Comments

Sleepy Coder · 13 likes

पिछले साल 30 घंटे खड़े होकर गया था। माँ के हाथ का ठेकुआ खाया तो सब भूल गया

Ananya Rao · 12 likes

असल समस्या ये है कि रोज़गार के लिए इतने लोगों को घर से 1500 किलोमीटर जाना पड़ता है। ट्रेनें बढ़ाना इलाज नहीं, पट्टी है

Aarav Sharma · 0 likes

चार महीने पहले टिकट बुक करना ही एक तरीका है, जिस दिन रिज़र्वेशन खुले उसी दिन। मैं अलार्म लगाकर रखता हूँ

Pixel Marauder · 1 likes

चार महीने पहले छुट्टी पक्की नहीं होती भाई, यही तो दिक्कत है