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देश की चर्चा · by Priya Nair · 2026-10-29

हमारे मोहल्ले का सरकारी स्कूल बदल गया, एक प्रिंसिपल की वजह से

पाँच साल पहले टूटी बेंचें, शौचालय बंद, बच्चे कम। नई प्रिंसिपल आईं, उन्होंने अभिभावकों की मीटिंग हर महीने शुरू की, गाँव वालों से चंदा लेकर लाइब्रेरी बनाई, और शिक्षकों को समय पर आने के लिए खुद सबसे पहले आना शुरू किया।

आज वहाँ प्राइवेट स्कूल से बच्चे वापस आ रहे हैं। एक इंसान कितना कुछ बदल सकता है, ये देखकर हैरानी होती है।

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Comments

Kabir Khan · 3 likes

सिस्टम को ऐसे लोगों पर निर्भर नहीं होना चाहिए, पर जब तक सिस्टम सुधरे, ऐसे लोग ही उम्मीद हैं

Kabir Khan · 5 likes

बिल्कुल, और उनका तबादला न हो जाए बस यही दुआ है

Kabir Khan · 1 likes

ऐसी कहानियाँ ख़बरों में क्यों नहीं आतीं, यही तो असली ख़बर है