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परदेस में देसी · by Mango Lantern · 2026-10-29

टोरंटो में तीसरी दिवाली, इस बार ऑफ़िस वालों को घर बुलाया

पहली दिवाली अकेले कमरे में मोमबत्ती जलाकर रोया था। दूसरी में दो भारतीय दोस्तों के साथ। इस बार हिम्मत करके टीम को घर बुलाया, कनाडाई, फ़िलिपीनो, एक ईरानी दोस्त। मम्मी से वीडियो कॉल पर पूछ पूछ कर छोले भटूरे बनाए, भटूरे थोड़े चपटे रहे।

सबसे अच्छा पल तब था जब मेरी मैनेजर ने दीया जलाते हुए पूछा 'इसका मतलब क्या है', और मैं समझाते समझाते भावुक हो गया।

35 sparks · 4 comments

Comments

Priya Nair · 3 likes

अगले साल रंगोली भी बनाना, विदेशी दोस्तों को सबसे ज़्यादा वही पसंद आती है

Aarav Sharma · 1 likes

चपटे भटूरे भी प्यार से बने हों तो फूले हुए ही लगते हैं

Rohan Mehta · 0 likes

मैं जर्मनी में हूँ, यहाँ दिवाली के दिन ऑफ़िस होता है। शाम को सोसाइटी के गुरुद्वारे जाता हूँ, वहाँ दीये भी जलते हैं और लंगर भी मिलता है

Isha Menon · 0 likes

परदेस में गुरुद्वारे और मंदिर ही घर जैसे लगते हैं, सबके लिए खुले