संगीत घर · by Priya Nair · 2026-10-28
जगजीत सिंह की ग़ज़लें और पापा की पुरानी कैसेट
घर में एक जूते का डिब्बा भरा हुआ था कैसेटों से, आधी जगजीत सिंह की। 'होठों से छू लो तुम' पापा गाड़ी में हर बार लगाते थे। तब बोरिंग लगता था, अब ख़ुद अकेले में सुनता हूँ।
शायद ग़ज़ल समझने के लिए उम्र चाहिए होती है।
शायद ग़ज़ल समझने के लिए उम्र चाहिए होती है।
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