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संगीत घर · by Priya Nair · 2026-10-28

जगजीत सिंह की ग़ज़लें और पापा की पुरानी कैसेट

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घर में एक जूते का डिब्बा भरा हुआ था कैसेटों से, आधी जगजीत सिंह की। 'होठों से छू लो तुम' पापा गाड़ी में हर बार लगाते थे। तब बोरिंग लगता था, अब ख़ुद अकेले में सुनता हूँ।

शायद ग़ज़ल समझने के लिए उम्र चाहिए होती है।

37 sparks · 4 comments

Comments

Ananya Rao · 7 likes

'उम्र चाहिए होती है' बिल्कुल सच। पच्चीस के बाद अचानक ग़ज़लें समझ आने लगीं

Brave Panda · 0 likes

कैसेट में पेन डालकर रील घुमाना याद आ गया

Priya Nair · 0 likes

और टेप फँस जाए तो पूरा दिन उदास 😅

Priya Nair · 0 likes

चित्रा जी के साथ वाली ग़ज़लें भी सुनिए, अलग ही जादू है