संगीत घर · by Ananya Rao · 2026-10-26
नवरात्रि में गरबा की धुनें अब भी कानों में हैं
इस बार पहली बार अहमदाबाद में गरबा देखा। ढोल की थाप और फाल्गुनी पाठक के गाने, सुबह 2 बजे तक। थकान महसूस ही नहीं हुई। अगले साल फिर जाना है।
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संगीत घर · by Ananya Rao · 2026-10-26
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Brave Panda · 8 likes
फाल्गुनी पाठक के बिना नवरात्रि अधूरी है, डांडिया क्वीन 💃
Urban Atlas · 5 likes
अहमदाबाद का गरबा एक बार जीवन में ज़रूर करना चाहिए
Aarav Sharma · 9 likes
वडोदरा भी आइए अगली बार, वहाँ का भी कम नहीं 😄