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खेल भारत · by Silver Noodle · 2026-10-28

अखाड़े की सुबह: 4 बजे उठना, मिट्टी, और दूध बादाम

दादा जी पहलवान थे। गाँव का अखाड़ा आज भी चलता है, पर लड़के कम आते हैं। सब जिम जाना चाहते हैं। कुश्ती ने देश को ओलंपिक मेडल दिए, फिर भी अखाड़ों की हालत ख़राब है।

क्या आपके इलाक़े में अखाड़ा बचा है?

24 sparks · 4 comments

Comments

Aarav Sharma · 5 likes

हमारे यहाँ बचा है, हनुमान जी के मंदिर के पास। गुरु जी अब भी फ़्री सिखाते हैं

Rohan Mehta · 5 likes

ऐसे गुरुओं की वजह से ही कुश्ती ज़िंदा है 🙏

Kabir Khan · 1 likes

मिट्टी की कुश्ती और मैट की कुश्ती अलग है, अखाड़ों में मैट भी होने चाहिए

Ananya Rao · 0 likes

सरकार को इन अखाड़ों को छोटा सा अनुदान देना चाहिए, यही असली नर्सरी है