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खेल भारत · by Gentle Marauder · 2026-11-04

प्रो कबड्डी देखते हुए एक सवाल: गाँव के अखाड़ों से निकलने वाले पहलवान अब कहाँ जा रहे हैं?

पिछले कुछ सालों में कबड्डी को लीग ने घर-घर पहुँचा दिया, लेकिन हमारे इलाके के अखाड़े में इस बार सर्दियों की ट्रेनिंग में आधे ही लड़के आए। कोच साहब कहते हैं कि अब बच्चे सीधे कबड्डी ट्रायल या फ़िटनेस जिम की तरफ़ भाग रहे हैं क्योंकि वहाँ पैसा और पहचान जल्दी मिलती है। कुश्ती में मेडल तो आते हैं, पर ज़मीनी स्तर पर सुविधा अब भी वही पुरानी मिट्टी और एक टूटी चटाई। आपके शहर या गाँव में कौन सा खेल बढ़ रहा है और कौन सा पीछे छूट रहा है?

20 sparks · 4 comments

Comments

Priya Nair · 6 likes

कबड्डी को दोष देना ठीक नहीं. दोनों देसी खेल हैं, जो भी बच्चों को मैदान तक ला रहा है वो अच्छा है

Rohan Mehta · 5 likes

असली दिक्कत कोचिंग की है, अच्छे कोच शहर की अकादमी में चले जाते हैं गाँव में कौन रुकेगा

Isha Menon · 0 likes

हमारे यहाँ हरियाणा में अभी भी अखाड़े भरे रहते हैं भाई, बस सुबह 4 बजे वाला अनुशासन कम हुआ है

Priya Nair · 0 likes

4 बजे वाला अनुशासन मेरे दादा जी के ज़माने में था, पापा के ज़माने में भी नहीं था 😂