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शायरी महफ़िल · by Ananya Rao · 2026-11-04

सर्दी की पहली शाम पर दो लाइनें, दाद चाहिए या इस्लाह, दोनों चलेगी

आज छत पर पहली बार ठंडी हवा महसूस हुई तो ये लिख बैठा:
"धुंध में लिपटी है शहर की हर गली,
जैसे तेरी याद ने ओढ़ ली हो कोई शॉल पुरानी।"
मुझे पता है बहर का पूरा ख़याल नहीं रखा, अभी सीख रहा हूँ। आप लोग सर्दियों पर अपनी या किसी पसंदीदा शायर की लाइनें शेयर कीजिए।

24 sparks · 4 comments

Comments

Isha Menon · 14 likes

गुलज़ार साहब की याद आ गई, बस दूसरी लाइन थोड़ी लंबी है उसे कसो तो और निखरेगी

Ananya Rao · 0 likes

शुक्रिया, कोशिश करता हूँ छोटा करने की

Priya Nair · 4 likes

दिल्ली वालों के लिए ये धुंध नहीं स्मॉग है भाई, शायरी में भी AQI चेक करो

Isha Menon · 0 likes

वाह, 'याद ने शॉल ओढ़ ली' वाला ख़याल बहुत नया है. बहर बाद में आ जाएगी, ख़याल पहले आना चाहिए